भाकृअनुप-भाकअनुसं – अदृश्य भूख तृप्ति हेतु खेती वैविध्य, औचित्य, लचकता एवं स्वास्थ्य का सृजन

भारतीय श्री अन्न अनुसंधान संस्थान

भारतीय श्री अन्न अनुसंधान संस्थान, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत ज्वार तथा अन्य श्री अन्न पर बुनियादी एवं नीतिपरक अनुसंधान में कार्यरत एक प्रमुख अनुसंधान संस्थान है। भाश्रीअनुसं ज्वार, बाजरे एवं लघु श्री अन्न पर अभासअनुप के माध्यम से ज्वार, बाजरे व अन्य श्री अन्न के अनुसंधान कार्यों का समन्वय करता है एवं सुविधाएं प्रदान करता है विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय अभिकरणों के साथ संबंध स्थापित करता है।

स्वीकृत जनशक्ति – हैदराबाद स्थित संस्थान के मुख्यालय, एवं इसके दो क्षेत्रीय केंद्रों अर्थात रबी ज्वार केंद्र, सोलापुर तथा गैर-मौसमी पौधशाला, वरंगल में 17 विभिन्न विषयों में 36 तकनीकी (वर्तमान में तैनात 22), 30 प्रशासनिक (वर्तमान में तैनात 10) एवं 18 कुशल सहायक कर्मचारियों (वर्तमान में तैनात 11) के सहायता के साथ 50 वैज्ञानिक कार्यरत हैं। । Read More

संदृश्य/विज़न

कदन्नों से समान समृद्धि के लिए देश में खाद्य, चारा, पोषण एवं जैव-ईंधन की आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु मूल्य-वर्धन के माध्यम से कदन्नों की जीवन निर्वाह खेती को वैश्विक प्रतिस्पर्धी जलवायु लचीले पौष्टिक अनाज उद्यम के रूप में परिवर्तित करना है।

अधिदेश (लक्ष्य)

  • श्री अन्न की उत्पादकता में वृद्धि तथा उनसे लाभप्रदता बढ़ाने के लिए उनके विविध उपयोग हेतु मूलभूत तथा नीतिपरक अनुसंधान का आयोजन।
  • श्री अन्न की उन्नत उत्पादन एवं संरक्षण प्रौद्योगिकियों का समन्वय एवं विकास।
  • श्री अन्न उत्पादन एवं उपयोग पर प्रशिक्षण एवं परामर्श सेवाएं।
  • प्रौद्योगिकियों का प्रसार एवं क्षमता निर्माण।

वैश्विक खाद्यागार में कदन्नों हेतु उपयुक्त स्थल – भाकृअनुप-भाकअनुसं, हैदराबाद